दुनिया के प्रमुख वैज्ञानिक और उनके द्वारा किए गए आविष्कार/The world's leading scientists and their inventions


दुनियाभर के वैज्ञानिको ने अलग-अलग क्षेत्रो में महत्वपूर्ण योगदान है.इन वैज्ञानिको को हमेशा इनके किये गए कार्यो के लिये पहचाना जाता है.आज हम दुनिया के उन  वैज्ञानिको के बारे में आपको बताने बाले है जिन्होंने अपनी नई -नई खोजो से इस पुरे ब्रह्माण्ड को बदल दिया है.इस प्रकार के प्रश्न भारत में होने बाली प्रत्येक परीक्षा .में पूछे  जाते  है। 


विक्रम साराभाई (1919-1971)

भारत के सबसे प्रसिद्ध वैज्ञानिक विक्रम साराभाई परमाणु ऊर्जा आयोग एवं भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के अध्यक्ष रह चुके हैं फिजिकल रिसर्च लैबोरेट्री अहमदाबाद और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट की स्थापना में विक्रम साराभाई का अहम योगदान था।

सतीश धवन

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान के भूतपूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं. इनके अथक प्रयास से आर्यभट्ट ,रोहिणी तथा एप्पल जैसे उपग्रह अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किए गए इन्होंने सुपर सोनिक एवं ट्रांस सोनिक विंट टनल के निर्माण में योगदान दिया।

डॉ हरगोविंद खुराना

डॉ हरगोविंद खुराना ने अनुवांशिकी में प्रोटीन संश्लेषण पर अत्यंत उल्लेखनीय अनुसंधान किए और अनुवांशिकी कोड की खोज की सन 1968 में इन्हें अपने अमेरिकी सहकर्मी के साथ चिकित्सा विज्ञान का नोबेल पुरस्कार दिया गया था।

सुब्रह्मण्यम चंद्रशेखर

भारतीय मूल के एक अमेरिकी वैज्ञानिक ने तारों के संबंध में अनेक उल्लेखनीय अनुसंधान किए सन 1983 में सुब्रमण्यम चंद्रशेखर को विलियम पाउडर के साथ भौतिकी का नोबेल पुरस्कार संयुक्त रूप से प्रदान किया गया सूर्य के द्रव्यमान की 1.4  द्रव्यमान को चंद्रशेखर सीमा कहते हैं।

डॉक्टर होमी जहांगीर भाभा

भारत में सन 1948 ईस्वी में गठित परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष होमी जहांगीर भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र के संस्थापक थे। वे संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा आयोजित प्रथम परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण प्रयोग अधिवेशन के भी अध्यक्ष रह चुके थे। वे टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च के भी पहले निर्देशक थे।



डॉक्टर सलीम अली

डॉक्टर सलीम अली को भारत का वर्ड्स मैन कहा जाता है. डॉक्टर सलीम अली को सन 1976 में पद्म विभूषण तथा सन् 1983 में वन्य प्राणी संरक्षण पुरस्कार से सम्मानित किया गया था यह भारत के प्रसिद्ध प्रकृति विज्ञान एवं पक्षी विशेषज्ञ थे।

मेघनाद साहा

भौतिकी के विश्व प्रसिद्ध विद्वान मेघनाद साहा थे। मात्र 30 वर्ष की आयु में इलाहाबाद विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के पद पर नियुक्त हुए, तापीय आयनन सिद्धांत एवं थर्मोडायनेमिक्स में इनके महत्वपूर्ण अनुसंधान है। उनकी अनुपम कृति है द हिस्ट्री ऑफ हिंदू साइंस

बीरबल साहनी

प्रसिद्ध वनस्पति वैज्ञानिक इन्होंने अपने विस्तृत अनुसंधान क्षेत्र के अंतर्गत कुछ फर्नो की सजातीयता और संरचना पर निर्णायक खोज कार्य किया था।

विलियम हार्वे

विलियम हार्वे ने रक्त परिवहन की खोज की यह एक ब्रिटिश डॉक्टर थे तथा इन्होंने कार्यकी एवं भ्रूणकी का प्रयोगात्मक अध्ययन किया था।

एडवर्ड जेनर

एडवर्ड जेनर ने चेचक के टीके की खोज की

जोसेफ लिस्टर

यह  एक ब्रिटिश सर्जन थे इन्होंने एंटीसेप्टिक सर्जरी का सूत्रपात किया था।

जोसेफ प्रीस्टले

यह एक वृत्त रसायन शास्त्री थे इन्होंने ऑक्सीजन की खोज की और गैसों को एकत्रित करने की विधि का विकास किया।

डब्ल्यू सी रोंटजन

डब्लू सी रोंटजन ने एक्स-रे की खोज की अतः एक्स किरणों को रोंटजन रेंज भी कहते हैं। यह एक जर्मन वैज्ञानिक थे।


रॉबर्ट हुक

इन्होंने सर्वप्रथम मृत पादप ऊतक में कोशिकाएं देखी। और सन 1665 में इन्हें सेल्स की संज्ञा दी उन्होंने पदार्थ की प्रत्यास्थता का भी अध्ययन किया।

अर्नेस्ट रदरफोर्ड

यह स्टॉकलैंड के वैज्ञानिक थे जिन्होंने 1911 ईस्वी में परमाणु के नाभिक की खोज की थी।

आर्यभट्ट

 प्राचीन भारत के प्रसिद्ध खगोलशास्त्री और गणितज्ञ आर्यभट्ट को माना जाता है। इनकी रचना आर्यभटटीय कहलाती है। इन्होंने गणित एवं खगोल में कई महत्वपूर्ण कार्य किए। सबसे पहले तो इन्होंने यह बताया कि पृथ्वी अपने अक्ष पर घूमती हुई सूर्य की परिक्रमा करती है।

जगदीश चंद्र बोस

यहां प्रसिद्ध भौतिकी वैज्ञानिक थे इन्होंने मारकोनी से भी पहले वेतार प्रणाली का समर्थन किया था। इन्होंने वनस्पतियों की संवेदनशीलता पर अनेक आश्चर्यजनक प्रदर्शन किए इन्होंने बोस इंस्टीट्यूट की स्थापना की थी। इन्होंने केस्कोग्राफ नामक यंत्र का भी आविष्कार किया था।

चंद्रशेखर वेंकटरमन

चंद्रशेखर वेंकटरमन को रमन प्रभाव के लिए सन 1930 में भौतिकी के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। और यह प्रयोग उन्होंने 28 फरवरी को किया इसलिए 28 फरवरी को भारत में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है सन 1954 में उन्हें भारत रत्न तथा 1958 में लेनिन शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

गैलीलियो

यह इटली के वैज्ञानिक थे जिन्होंने टेलिस्कोप का निर्माण किया था और कॉपरनिकस की थ्यौरी का समर्थन किया और गति के जड़त्व नियम का प्रतिपादन किया।

अलेक्जेंडर फ्लैमिंग

यह ब्रिटिश बैक्टीरियोलॉजिस्ट थे जिन्होंने लाइसोजाइम तथा पेनिसिलिन की खोज की थी।

अल्बर्ट आइंस्टीन

यहूदी मूल के जर्मन वैज्ञानिक थे। जो बाद में अमेरिका में जाकर बस गए थे। इन्होंने सन् 1933 में सापेक्षता का सिद्धांत दिया इन्होंने प्रकाश विद्युत प्रभाव की व्याख्या की जिसके लिए इन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

चार्ल्स रॉबर्ट डार्विन

यह एक ब्रिटिश वैज्ञानिक थे। इनकी पुस्तक द ओरिजिन ऑफ स्पेसीज में इन्होंने विकास का सिद्धांत प्रतिपादित किया। प्राकृतिक वरण का नियम इनके द्वारा ही प्रतिपादित किया गया था।

जॉन डाल्टन

यह इक्विटीज वैज्ञानिक थे उन्होंने परमाणु के सिद्धांत का प्रतिपादन किया था और गणित में अनुपात का नियम जॉन डाल्टन नहीं प्रतिपादित किया।

मैडम मैरी क्यूरी

यहां मूल रूप से पोलैंड की वैज्ञानिक थी बाद में फ्रांस की नागरिकता इन्होंने ग्रहण कर ली मैडम मैरी क्यूरी ने रेडियम की खोज की इन्हे दो बार नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। 1903 और सन 1911 में

कॉपरनिकस

यह पोलैंड के खगोल शास्त्री थे जिन्होंने सबसे पहले बताया कि पृथ्वी स्थिर नहीं है और सूर्य के चारों ओर घूमती है।

 जेम्स चैडविक

यह ब्रिटिश वैज्ञानिक थे इन्होंने 1932 ईस्वी में परमाणु की रचना में विद्युत आवेश रहित परमाणु करण न्यूट्रॉन की खोज की थी।

हेनरी कैवेंडिश

यह ब्रिटिश वैज्ञानिक थे जिन्होंने हाइड्रोजन को तत्व के रूप में खोजा

हेनरी बेकुरल

यह फ्रांसीसी वैज्ञानिक थे। उन्होंने रेडियो एक्टिविटी तथा गामा किरणों की खोज की थी।

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