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National education policy 2020 In Hindi | राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020

National education policy 2020 In Hindi | राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020



राष्ट्रीय शिक्षा नीति का नया रूप जारी कर दिया गया है। इस आर्टिकल में National education policy 2020 के एक-एक कंसेप्ट को बारीकी से समझने वाले हैं। 2020 में जो शिक्षा नीति आई है यह हमारे देश में कई अहम बदलाव करने वाली है। यह शिक्षा नीति वर्तमान समय को ध्यान में रखकर और आगे आने वाले समय को ध्यान में रखकर बनाई गई है।





यह जो नई शिक्षा नीति आ रही है इससे पढ़ने और पढ़ाने के दोनों तरीके बदलने वाले हैं अब सरकार अपनी जीडीपी का शिक्षा के ऊपर 6% खर्च करने वाली है। इससे भारतीय शिक्षा का पूरा ढांचा बदल जाएगा।

इस ड्राफ्ट के अंदर सरकार ने कहा है कि शिक्षक को जो अधिकार नहीं मिले थे वह अधिकार अब शिक्षक को मिलने वाले हैं क्योंकि शिक्षक सबसे ज्यादा सम्मान का पात्र है।

इस नई पॉलिसी के अंतर्गत शिक्षक अपने मन मुताबिक ट्रांसफर नहीं करवा पाएंगे। क्योंकि जो टीचर होता है वह बच्चों के लिए रोल मॉडल होता है। अभी टीचर अपने मन मुताबिक ट्रांसफर करवा लेते हैं जिससे बच्चों की पढ़ाई में व्यवधान उत्पन्न होता है लेकिन इस नई पॉलिसी के अनुसार अब ऐसा नहीं होगा। और शिक्षकों के जो ट्रांसफर होंगे वह अब ऑनलाइन प्रक्रिया के आधार पर होंगे।

इस राष्ट्रीय शिक्षा नीति से  यह पता चलता है कि आने वाले समय में सरकार टीचरों की सबसे बड़ी भर्ती करने वाली है।




भारत की सबसे पहली राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1968 में बनाई गई तब भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी थी । इसके बाद सन 1986 में जब हमारे देश के प्रधानमंत्री राजीव गांधी थे। तब राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू हुई यह वह समय था जब कंप्यूटर एजुकेशन का आरंभ हमारे देश भारत में हुआ।

जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू की गई है इस शिक्षा नीति का ड्राफ्ट 31 मई 2019 को तैयार हो चुका था। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लिए हमारी वर्तमान सरकार ने भारत के 2 लाख लोगों से सुझाव मांगे गये।

29 जुलाई 2020 को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को मंजूरी दे दी। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 में आई 34 साल पुरानी राष्ट्रीय शिक्षा नीति की जगह लेने वाली है।


राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 मैं किए गए बड़े बदलाव


  • मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम बदलकर अब शिक्षा मंत्रालय किया जाएगा।
  • मंत्रालय का नाम बदलने का मुख्य कारण शिक्षा और अधिगम पर ध्यान केंद्रित करना है।
  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति का लक्ष्य 100% युवा और व्यस्त साक्षरता हासिल करना है।
  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की नई प्रणाली के अनुसार अब 3 साल की आंगनवाड़ी के साथ 12 साल की स्कूली शिक्षा होगी।
  • भारत सरकार कुछ ऐसे प्रोग्राम लॉन्च करेगी जिससे कि माता-पिता अपने बच्चे को 3 साल तक घर पर पड़ाये उसे बुनियादी शिक्षा दें।
  • और 3 साल से 6 साल तक बच्चों को प्राइमरी स्कूलों में पढ़ाया जाएगा।
  • अब सरकार ने 10+2 बोर्ड संरचना के स्थान पर नया स्कूल ढांचा तैयार किया है...5+3+3+4 को लागू किया जा रहा है।
  • पहले राज्य सरकार आप पर 12 साल तक शिक्षा की दृष्टि से नजर रखती थी।इसे 10+2 कहां गया। इसके बाद आप किसी यूनिवर्सिटी में अपना एडमिशन ले लेते थे और सरकार का दायित्व तो खत्म हो जाता था। अब सरकार आप पर 15 साल तक नजर रखेगी। अब 3 साल के बच्चे को पढ़ाई के लिए तैयार कर देना होगा यानी 3 साल का बच्चा स्कूल या किसी अन्य सरकारी संस्था में जाने लगेगा।

अब हम आपको बताते हैं कि 5+3+3+4 है क्या


पहले 1 से 5 साल तक की स्टेज को Foundational stage( मूलभूत चरण ) कहा गया है। इस स्टेज में हम बालक की नीव को तैयार करेंगे। इन 5 सालों में 3 साल प्री स्कूल की होंगी जैसे आंगनवाड़ी और 2 साल मैं बालक क्लास 1 और 2 मैं पड़ेगा।

बालक के अगले 3 वर्ष को Preparatory Stage ( प्रारंभिक चरण ) कहां गया इस स्टेज में बालक क्लास 3,4,5 मैं बालक पड़ेगा ।

इसके बाद की 3 साल को Middle Stage (मध्य चरण ) कहा गया है। यह वह समय होता है जब बालक उत्तर बाल्यावस्था में प्रवेश करता है। इस स्टेज में बालक में शारीरिक और मानसिक परिवर्तन देखने को मिलते हैं। मिडिल स्टेज में बालक क्लास 6,7,8 मैं पड़ेगा।

इसके बाद आती है Secondary Stage ( सेकेंडरी स्टेज ) अगले 4 साल यानी नौवीं कक्षा से लेकर बारहवीं कक्षा तक

स्कूली शिक्षा में हुए महत्वपूर्ण बदलाव


  • नई शिक्षा नीति में 6वी कक्षा के बाद व्यवसायिक पाठ्यक्रम उपलब्ध होंगे।
  • सभी स्कूलों की परीक्षा साल में दो बार सेमेस्टर तरीके से होगी।
  • सिलेबर्स को केवल किसी भी विषय की मूल ज्ञान तक सीमित किया जाएगा छात्र व्यवहारिक और अनुप्रयोग पर अधिक ध्यान दिया जाएगा।
  • जो 3 सूत्रीय भाषा है वह लागू रहेगी लेकिन पांचवी कक्षा तक बालक को जो शिक्षा दी जाएगी वह उसकी क्षेत्रीय भाषा में या उसकी मातृभाषा में दी जाएगी जहां तक संभव हो सकेगा। और हो सकता है तो इसे बढ़ाकर आठवीं कक्षा तक भी किया जाएगा।
  • बच्चों के मूल्यांकन के लिए नया राष्ट्रीय मूल्यांकन केंद्र बनाया जाएगा। इसे हम Parakh के नाम से जानेंगे।
  • सरकार ने इस ड्राफ्ट में कहा है कि जो राष्ट्रीय स्तर पर किताबें बनाई जाएंगी वह इस तरीके से बनाई जाएंगी। जिसमें लोकल कंटेंट भी शामिल होगा। जिससे बालक को अपने क्षेत्र के बारे में जानकारी मिलेगी और बालक किताब को पढ़ने में ज्यादा रुचि लेगा।
  • अब टीचर वही लोग बन सकेंगे जिन्हें पेडागोजी की अच्छी समझ होगी। जिन लोगों के पेडगॉजिकल कंसेप्ट क्लियर है वही लोग अब टीचर बन सकेंगे।
  • 2030 तक शिक्षा के लिए न्यूनतम डिग्री योग्यता 4 वर्षीय होगी जैसे - बी.एड डिग्री
  • राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा शिक्षकों के लिए एक आम राष्ट्रीय व्यवसायिक मानक (New Professional Standards For Teachers) 2022 तक विकसित किया जाएगा।
  • शिक्षक शिक्षा के लिए एक नया और व्यापक राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा NCFTE 2021 , NCTE द्वारा NCERT के परामर्श से बनाई जाएगी।
  • शिक्षकों के लिए एक नया करिकुलम बनाया जाएगा इसे NCTE तैयार करेगा। इससे शिक्षक को तैयार किया जाएगा ताकि वहां आगे आने वाले भविष्य को अच्छी तरह से बना सके। इस करिकुलम को प्रत्येक 10 साल में बदल दिया जाएगा।
  • सरकार ने कहा है कि TET Exam को और बड़े स्तर पर बदला जाएगा ताकि स्कूली शिक्षा में अच्छे टीचर आ सकें जो अपने साथ अच्छा कंटेंट लाएंगे और जिन्हें पेडागोजी की अच्छी समझ होगी।




शिक्षक भर्ती में महत्वपूर्ण बदलाव

देश में सभी प्रकार के शिक्षकों के लिए नए शिक्षक प्रशिक्षण बोर्ड की स्थापना की जाएगी जिसे कोई भी राज्य नहीं बदल सकेगा।

अवमानक stand-alone शिक्षक शिक्षा संसाधनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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2020(National education policy 2020 In Hindi)की जानकारी बेहतर तरीके से उपलब्ध हो पाए। यदि आपको हमारे द्वारा लिखा गया यह आर्टिकल पसंद आया है तो आप इसे लाइक करें और हमें फॉलो करें


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